सेवा और संवेदनशीलता की नई पहचान बने महर्षि विद्या मंदिर हरिद्वार के प्रिंसिपल राजीव त्यागी

हरिद्वार। जीव-जंतुओं के प्रति दया, करुणा और संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण महर्षि विद्या मंदिर हरिद्वार में देखने को मिल रहा है, जहां विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव त्यागी ने अपने व्यवहार और मानवीय सोच से समाज के सामने एक अनूठी मिसाल प्रस्तुत की है। आज के समय में जहां छोटी-छोटी घटनाओं के कारण लोग मन में कटुता या दूरी बना लेते हैं, वहीं उनका यह कदम लोगों के लिए एक सकारात्मक संदेश बनकर सामने आया है।

जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले एक कुत्ते ने प्रधानाचार्य राजीव त्यागी के हाथ के अंगूठे में काट लिया था, जिसके बाद चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उन्हें इंजेक्शन भी लगवाने पड़े। सामान्य रूप से ऐसी घटना के बाद किसी व्यक्ति के मन में भय या नाराजगी होना स्वाभाविक माना जाता है, लेकिन प्रधानाचार्य ने इसके विपरीत मानवता और दयाभाव का परिचय दिया।

बाद में उसी कुत्ते के साथ एक दुर्घटना हो गई, जिससे वह घायल हो गया। उसकी स्थिति देखकर प्रधानाचार्य ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे विद्यालय परिसर में लाकर उसके उपचार की व्यवस्था कराई। पिछले लगभग दो महीनों से विद्यालय में उसकी निरंतर देखभाल की जा रही है और उसके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

विद्यालय प्रशासन द्वारा उसके भोजन और पानी की नियमित व्यवस्था की गई है। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए उसके आराम के लिए कूलर की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उसे गर्म मौसम में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। विद्यालय परिवार भी उसकी देखभाल में सहयोग कर रहा है तथा समय-समय पर उसकी स्थिति की जानकारी ली जाती है।

प्रधानाचार्य राजीव त्यागी का यह कार्य केवल एक घायल जीव की सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को यह संदेश भी देता है कि दया, प्रेम और संवेदनशीलता ही सच्ची मानवता की पहचान हैं। उनका यह प्रयास यह दर्शाता है कि हर जीव के प्रति करुणा और जिम्मेदारी का भाव होना चाहिए। विद्यालय परिवार की इस मानवीय पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।

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